Rampur Kasiha

देश में पिछले लगातार दो वर्षो से कम बारिश और असामान्य मौसम से दलहन उत्पादन में कमी के कारण सरकार ने बफर स्टॉक के जरिए दाल की कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए दालों की खरीद तेज कर दी है। इससे पहले पिछले साल सरकार ने पहली बार 1.5 लाख टन दलहन का बफर स्टाक बनाने का निर्णय किया था। सरकारी खरीद एजेंसियों ने 25 जनवरी तक कुल 15848 टन अरहर दाल की खरीद की है। वहीं इस दौरान 4720 टन उड़द की खरीद हुई है।

देश में भारतीय खाद्य निगम, नाफेड, को-ऑपरेटिव और लघु कृषक कृषि व्यापार संघ (एसएफएसी) सरकार की तरफ से बाजार भाव पर दालों की खरीद कर रही हैं। अरहर की नई फसल बाजार में आने की वजह से दाल की खरीद बढ़ी है। इससे पहले सरकार ने दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु सरकारी खरीद के साथ दलहन के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में 250 से 275 रुपए/क्विंटल वृद्धि की है ताकि किसानो को उचित कीमत मिल सके।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार दालों की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए बफर स्टॉक बनाने पर जोर दे रही हैं। पिछले साल मानसून के दौरान दालों की कीमत सप्लाई घटने की वजह से रिकार्ड 200 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुँच गयी थी। भारत दलहन का सबसे बड़ा उत्पादक, उपभोक्ता तथा आयातक है। कृषि मंत्रालय के आँकड़ो के मुताबिक जनवरी 28 तक देश में दलहन का रकबा 139.08 लाख हेक्टेयर रहा, जबकि पिछले साल इसी समय तक 143 लाख हेक्टेयर था। वर्ष 2015-2016 के दौरान देश में दालों का कुल उत्पादन 1.8 करोड़ टन होने का अनुमान है जबकि पिछले साल 1.73 करोड़ टन दाल का उत्पादन हुआ था।

 
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