भारत में इस साल मॉनसून में कमी और रबी सीजन में फसलों का रकबा घटने के बावजूद देश में अनाज उत्पादन पिछले साल के मुकाबले ज्यादा रहेगा, कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा। कृषि मंत्रालय के आंकड़ो के मुताबिक इस साल देश में किसानों ने 5.91 करोड़ हेक्टेयर क्षेत्रफल में बुआई की जो पिछले साल के मुकाबले करीब 2.9 फीसदी कम है। इस साल जुलाई-सितंबर में देश में मॉनसून की बारिश सामान्य से 14 फीसदी कम हुई थी।
गौरतलब है कि कमजोर मॉनसून के कारण देश में फसल वर्ष 2014-15 (जुलाई-जून) में दाल का उत्पादन 1.92 करोड़ टन से घटकर 1.72 करोड़ टन रह गया था। जिस वजह से पिछले साल दाल के भाव रिकार्ड 200 किलो तक पहुँच गए थे। वहीं वर्ष 2015-16 के दौरान कुल उत्पादन 1.8 करोड़ टन होने का अनुमान है। कृषि मंत्रालय के अनुसार खरीफ मे दलहन उत्पादन पिछले साल के 56.3 लाख टन के मुकाबले इस बार 55.6 लाख टन होने की उम्मीद है।
कृषि मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ो के मुताबिक वर्ष 2015-16 के रबी सीजन में 13.3 करोड़ टन खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।जिसमे 130 लाख टन दालों के उत्पादन का लक्ष्य भी शामिल है। जबकि रबी सीजन की प्रमुख तिलहन फसल सरसों के लिए वातावरण अनुकूल होने के चलते इसकी पैदावार बढ़ने की संभावना है। हालांकि गेहूं उत्पादन मिट्टी में नमी कि कमी के कारण पिछले साल के समान रहने का अनुमान है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक देश है। कृषि मंत्रालय के अनुसार वर्ष 2014-15 में गेहूँ का उत्पादन घटकर 89.4 करोड़ टन रहा जबकि वर्ष 2013-14 में 9.5 करोड़ टन का रिकार्ड उत्पादन हुआ था |

